Rukhsat hua to aankh mila kar nahin gaya
Shahzad Ahmadरुख़्सतहुआतोआँखमिलाकरनहींगया
वोक्यूँगयाहैयेभीबताकरनहींगया
वोयूँगयाकिबाद-ए-सबायादआगई
एहसासतकभीहमकोदिलाकरनहींगया
यूँलगरहाहैजैसेअभीलौटआएगा
जातेहुएचराग़बुझाकरनहींगया
बसइकलकीरखींचगयादरमियानमें
दीवाररास्तेमेंबनाकरनहींगया
शायदवोमिलहीजाएमगरजुस्तुजूहैशर्त
वोअपनेनक़्श-ए-पातोमिटाकरनहींगया
घरमेंहैआजतकवहीख़ुश्बूबसीहुई
लगताहैयूँकिजैसेवोआकरनहींगया
तबतकतोफूलजैसीहीताज़ाथीउसकीयाद
जबतकवोपत्तियोंकोजुदाकरनहींगया
रहनेदियानउसनेकिसीकामकामुझे
औरख़ाकमेंभीमुझकोमिलाकरनहींगया
वैसीहीबे-तलबहैअभीमेरीज़िंदगी
वोख़ार-ओ-ख़समेंआगलगाकरनहींगया
'शहज़ाद'येगिलाहीरहाउसकीज़ातसे
जातेहुएवोकोईगिलाकरनहींगया
