new update nowlive

check and explore

What'sNew

Logo

Connect

Delhi, India

Rukhsat hua to aankh mila kar nahin gaya

Shahzad Ahmad
रुख़्सतहुआतोआँखमिलाकरनहींगया
वोक्यूँगयाहैयेभीबताकरनहींगया
वोयूँगयाकिबाद-ए-सबायादगई
एहसासतकभीहमकोदिलाकरनहींगया
यूँलगरहाहैजैसेअभीलौटआएगा
जातेहुएचराग़बुझाकरनहींगया
बसइकलकीरखींचगयादरमियानमें
दीवाररास्तेमेंबनाकरनहींगया
शायदवोमिलहीजाएमगरजुस्तुजूहैशर्त
वोअपनेनक़्श-ए-पातोमिटाकरनहींगया
घरमेंहैआजतकवहीख़ुश्बूबसीहुई
लगताहैयूँकिजैसेवोकरनहींगया
तबतकतोफूलजैसीहीताज़ाथीउसकीयाद
जबतकवोपत्तियोंकोजुदाकरनहींगया
रहनेदियाउसनेकिसीकामकामुझे
औरख़ाकमेंभीमुझकोमिलाकरनहींगया
वैसीहीबे-तलबहैअभीमेरीज़िंदगी
वोख़ार-ओ-ख़समेंआगलगाकरनहींगया
'शहज़ाद'येगिलाहीरहाउसकीज़ातसे
जातेहुएवोकोईगिलाकरनहींगया