khafa hai gar ye khudaai to fikr hi kya hai
Hafeez Banarasiख़फ़ाहैगरयेख़ुदाईतोफ़िक्रहीक्याहै
तिरीनिगाहसलामतमुझेकमीक्याहै
बसइकतजल्ली-ए-रंगींबसइकतबस्सुम-ए-नाज़
रियाज़-ए-दहरमेंफूलोंकीज़िंदगीक्याहै
ख़ुदा-रसीदासहीलाखबरगुज़ीदासही
जोआदमीकोनसमझेवोआदमीक्याहै
अबसयेमश्क़-ए-रुकू-ओ-सुजूदहैयारो
अगरपतानहींमफ़्हूम-ए-बंदगीक्याहै
कहींयेलुत्फ़-ओ-इनायतकीइब्तिदातोनहीं
तुम्हींबताओयेअंदाज़-ए-बरहमीक्याहै
दिलोंकेतारजोछूलेवहीहैशेर'हफ़ीज़'
अगरयेबातनहींहैतोशाइरीक्याहै
